“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

Mata Kaalratri ji Ki Aarti

2015-10-18 08:14:28, comments: 0


कालरात्रि जय जय महाकाली
काल के मुह से बचाने वाली
दुष्ट संगारण नाम तुम्हारा
महा चंडी तेरा अवतारा
पृथ्वी और आकाश पे सारा
महाकाली है तेरा पसारा
खंडा खप्पर रखने वाली
दुष्टों का लहू चखने वाली
कलकता स्थान तुम्हारा
सब जगह देखू तेरा नजारा
सभी देवता सब नर नारी
गावे स्तुति सभी तुम्हारी
रक्तदन्ता और अन्न पूर्णा
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना
ना कोई चिंता रहे ना बिमारी
ना कोई गम ना संकट भारी
उस पर कभी कष्ट ना आवे
महाकाली माँ जिसे बचावे
तू भी 'चमन' प्रेम से कह
कालरात्रि माँ तेरी जय

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