“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

MAA ANNAPOORNA STOTRAM

2015-10-18 08:30:06, comments: 0

जगत जगदीश्वरी माँ जगदम्बे आशा पूर्ण करती रहो अन्नपूर्ण दाती हो तुम सदा भंडारे भारती रहो द्वारे तेरे आया सवाली कभी निराश जावे ना भगति शक्ति दे माँ अम्बे तेरे ही गुण गावे माँ तू है दाती दिला दी जाने, चिन्तपुरनी कहलाती हो चिंता दूर करो माँ मेरी, सब को सुख पौचाती हो तेरी माया का भरमाया, मै हु दास निम्न माँ शरण तेरी मैया मै आया, आशा पुरनी करना माँ ज्वाला हो तुम माँ जगदम्बे , उज्जवल मेरा भविष्य करो बदल दो दाती किस्मत मेरी, उलटे लेख भी सीधे करो तुम बिन कोई नहीं माँ मेरा, शरण तुम्हारी आया हु काम कोई भी सिद्ध ना होवे, कई यत्न कर हरा हु बरकत भरदो हाथ मै मेरे, किरपा इतनी करना माँ अन्नपूर्ण माँ जगदम्बे , भंडारे सदा ही भरना माँ मेरे परिवार की रक्षा करना, कर्ज ना कोई सर पर रहे एसी किरपा करो तुम दाती, वेय्पार मेरा भी बड़ता रहे.. दया तेरी जिस पर हो मैया कभी निराश जाए ना बिगड़े काम भी बन जाते है, शरण तेरी जो आये माँ रक्षक बन रक्षा करती, दास के संकट दूर करो शरण तेरी 'चमन' माँ आया, अन्नपूर्ण भंडारे

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