“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

हिमाचल के सोलन जिले के करोल पहाड़ में एक रहस्मयी गुफा है। जिसे पांडव गुफा भी कहा जाता है। इस गुफा में भगवान शिव अौर पांडवों ने तपस्या की थी।

2017-09-05 18:53:12, comments: 0

 

यह गुफा यहां से चलकर हरियाणा के कालका-पंचकूला के पास निकलती है। पांडव इसका उपयोग रहने व आने जाने में करते थे। यह गुफा हरियाणा को हिमाचल से जोड़ती है। इस गुफा का रहस्य आज तक कोई नहीं जान पाया है।
माना जाता है कि इस गुफा में भगवान शिव अौर उनका परिवार रहता था। गुफा के अंदर कई शिवलिंग बने हुए हैं। स्थानीय लोग सावन के महीने में यहां भोलेनाथ की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि गुफा के अंदर कई अजीबोंगरीब चीजें हैं जिन्हें देखने के बाद किसी की अंदर जाने की हिम्मत नहीं होती।
एक अन्य मान्यता के अनुसार यहां पांडवों ने तपस्या की थी। गुफा के अंदर थोड़ी दूरी पर एक विशाल झील है। कहा जाता है कि दो साधु इस गुफा का रहस्य जानने के लिए अंदर गए थे लेकिन कभी वापिस नहीं आए। यह गुफा बहुत बड़ी है। कुछ लोग इसमें एक किमी. तक ही गए हैं। गुफा के अंदर शिवलिंग, शेषनाग जैसी आकृतियां देखने को मिलती है। यहां तक की वैज्ञानिकों ने भी इस गुफा का मुआयना किया, जिन्होंने अंदेशा जताया कि इसके भीतर बड़ी झील हो सकती है।
गुफा तक पहुंचने के लिए चोटी के शिखर पर जाना पड़ता है। यहां चोटी पर एक छोटा सा मंदिर है। जिसमें 2-3 प्रतिमाएं रखी हुई हैं अौर बीच में एक हवन कुंड है। मंदिर के साथ ही एक धर्मशाला है, जिसमें दो कमरे हैं। इस गुफा का एक सिरा कालका के साथ लगते पिंजौर में निकलता है। कहते हैं कि पहाड़ा का पानी इस गुफा से होता हुआ पिंजौर तक पहुंच जाता है। इस बारे में वैज्ञानिकों ने भी पाया कि यहां पानी के साथ बहे ओक पेड़ के पत्ते पिंजौर में निकलते हैं।

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