“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

हनुमान जी के प्रसिद्ध नाम और उनका मुख्य अर्थ :

2017-04-10 18:53:03, comments: 0

 

 

हनुमान जयंती का त्यौहार बालाजी के भक्तो के लिए सबसे बड़ा त्यौहार है | हनुमान जयंती राम भक्त हनुमान के जन्मोस्त्सव के रूप में बड़ी धूम धाम से हनुमान भक्तो के द्वारा मनाई जाती है | 
महावीर हनुमान को सबसे शक्तिशाली देवता के रूप में पूजा जाता है |इन्होने भगवान श्री राम के चरणों में अपने जीवन को समर्प्रीत कर दिया और राम भक्ति में इनका कोई सानी नहीं है | ये अमर और चिरंजीवी है | इन्होने असंभव कार्यो को चुटकी भर पल में समूर्ण कर दिया है , अतः इन्हे संकट मोचक के नाम से भी पुकारा जाता है | 

इनकी भक्ति करने से हनुमान कृपा के द्वारा मनुष्य को शक्ति और समर्पण प्राप्त होता है | इनकी भक्ति से अच्छा भाग्य और विदुता भी प्राप्त होती है | 

हनुमान जयन्ती कब मनाई जाती है :

हनुमान जयन्ती भगवान् महावीर हनुमान जी के जन्मोत्सव के मनाई जाती है | यह दिन चैत्र शुक्ल पुर्णिमा का दिन था | माना जाता है की सुबह 4 बजे उन्होंने माँ अंजना के कोख से जन्म लिया था | वे भगवान् शिव के ११वे अवतार थे जो वानर देव के रूप में इस धरा पर राम भक्ति और राम कार्य सिद्ध करने अवतरित हुए थे |

हनुमान जयंती २०१७ (2017) में की तारीख को आएगी :

वर्ष 2017 में हनुमान जयन्ती 11 April ( ११ अप्रैल ) को मंगलवार के दिन को मनाई जाएगी |

कैसे मनाये हनुमान जयंती :

 

हनुमान जयन्ती के इस दिन हनुमान भक्तो की भरी भीड़ बालाजी मंदिरों में अपने आराध्य देव महावीर हनुमान के दर्शन करने और उनका आशीष लेने जाते है | बड़ी उत्सुकता और जोश के साथ समर्प्रित होकर इनकी पूजा की जाती है | कहा जाता है की ये बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए इन्हे जनेऊ भी पहनाई जाती है . हनुमानजी की मूर्तियों पर सिंदूर और चांदी का व्रक चढ़ाया जाता है | कहा जाता है राम की लम्बी उम्र के लिए एक बार हनुमान जी अपने पुरे शरीर पर सिंदूर चदा लिया था और इसी कारण उन्हें और उनके भक्तो को सिंदूर चदाना बहूत अच्छा लगता है | हनुमान जयंती पर रामचरितमानस केसुन्दरकाण्ड >पाठ को पढना भी हनुमानजी को प्रसन्न करता है |

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