“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

स्कैबीज क्‍या है, इसके लक्षण और उपचार

2016-02-19 16:11:39, comments: 0
  • स्‍कैबीज एक-दूसरे के संपर्क में आने से होने वाला रोग है।
  • भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ज्‍यादा फैलता है स्‍कैबीज संक्रमण।
  • सामान्‍यतया इस बीमारी के लक्षण दो सप्‍ताह में दिखाई देते हैं।
  • गर्म पानी से दैनिक प्रयोग में आने वाले सामानों की सफाई करें।

स्‍कैबीज घुन से होने वाला खुजली वाला त्वचा का संक्रमण है। इसके अंडो और मल से होने वाले एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण रोगी को दाने या मुंहासे होते हैं। इसका उपचार आसानी से हो सकता है।

 

यह बीमारी एक-दूसरे के संपर्क में आने से होती है। इसके अलावा यदि आप इस बीमारी से संक्रमित किसी भी व्‍यक्ति के कपड़े, बिस्तर या फर्नीचर प्रयोग करते हैं तो यह आपको भी हो सकती है। भीड़भाड़ वाली जगहें, जैसे - जेल, नर्सिंग होम और बच्चों की देखभाल करने वाले स्थानों पर स्‍कैबीज संक्रमण के फैलने का खतरा अधिक होता है।

 

क्‍या होता है स्‍कैबीज

स्‍कैबीज त्‍वचा का वह संक्रमण है जो घुन के कारण होता है। जब घुन आपकी त्‍वचा की परत को भेदते हुए अंदर प्रवेश कर जाती है, तब यह समस्‍या होती है।

स्‍कैबीज किसी को भी हो सकती है। यह किसी भी उम्र, आय और सामाजिक स्‍तर के लोगों को हो सकती है। यहां तक कि जो लोग स्‍वयं को बेहद स्‍वच्‍छ रखते हैं उन्‍हें भी स्‍कैबीज हो सकती है।

कैसे फैलती है

स्‍कैबीज घुन के काटने से तो फैलती ही है साथ ही यह बीमारी संक्रमित व्‍यक्ति के साथ शारीरिक नजदीकी से भी हो सकती है। यह एक संचारित रोग है, जो तौलिये, चादर और अन्‍य निजी वस्‍तुयें इस्‍तेमाल करने से हो सकती है।

स्‍कैबीज एक साथ परिवार के कई सदस्‍यों को हो सकती है। इतना ही नहीं यदि किसी संक्रमित व्‍यक्ति को इसके लक्षण न भी नजर आ रहे हों, तब भी वह दूसरे व्‍यक्ति को इस रोग से संक्रमित कर सकता है।

लक्षण

स्‍कैबीज से गंभीर खुजली होती है, जो अक्‍सर रात के समय बढ़ जाती है। इसके साथ ही रेशेज के साथ छोटे फफोले और घाव हो जाते हैं। छोटे बच्‍चों और बुजुर्गों में खुजली की समस्‍या अधिक होती है। बच्‍चों की त्‍वचा अपेक्षाकृत अधिक संक्रमित होती है।

कैसे होता है निदान

डॉक्‍टर स्‍कैबीज के निदान की प्रक्रिया आपके लक्षणों के आधार पर करता है। स्‍कैबीज का सबसे कारण किसी संक्रमित व्‍यक्ति के साथ शारीरिक संपर्क होता है। इसके बाद डॉक्‍टर बड़े आराम से संक्रमित और रूखी त्‍वचा को खुरचकर सूक्ष्‍मदर्शी द्वारा उसकी जांच करता है। अधिकतर लोगों को इस जांच से कोई दर्द नहीं होता।

कैसे होता है इलाज

  • स्‍कैबीज अपने आप ठीक नहीं होती। आपको डॉक्‍टर की सुझायी खास क्रीम अथवा लोशन का इस्‍तेमाल करना होता है। कुछ गंभीर मामलों में आपको दवा का भी सेवन करना पड़ सकता है।
  • स्‍कैबीज में दी जाने वाली कुछ दवायें बच्‍चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्‍तनपान करवा रहीं माताओं के लिए सुरक्षित नहीं होतीं। इन दवाओं के खतरनाक प्रभावों से बचने के लिए अपने डॉक्‍टर की सुझाई दवाओं को सही प्रकार पालन करें और डॉक्‍टरी सलाह को अनदेखा न करें।
  • अगर आपको स्‍कैबीज है, तो आपको और आपके समीप रहने वाले परिजनों का इलाज एक ही समय पर होना चाहिए। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही आपको अपने कपड़े और तौलिये आदि भी सावधानीपूर्वक साफ करने चाहिए। घावों से होने वाले रक्‍तस्राव भी अच्‍छी तरह साफ करना चाहिए। 
  • इलाज के बाद सामान्‍य दो से चार सप्‍ताह तक खुजली रहती है। घुन के द्वारा हुई एलर्जी को दूर करने में आपके शरीर को इतना समय तो लगता ही है। अगर आपको चार सप्‍ताह बाद भी इसके लक्षण नजर आते हैं, तो आपको दोबारा इलाज करवाने की जरूरत होती है।
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