“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की खूबसूरत पंक्तियां :

2017-04-09 06:35:09, comments: 0

 

(Ek Onkar) - भगवान एक है।

(Satnam) - उनका नाम सत्य है।

(Kartaa Purakh) - वह पूरी दुनिया के निर्माता है।

(Nirbhau) - वह निडर है।

(Nirvair) - वह कभी किसी से नफरत नहीं करते।

(Akaal Murat) - वह समय से आगे है। वह अमर है।

(Ajooni) - वह न तो पैदा होते है और न ही मरते है।

(Saibhang) - न किसी ने उन्हें बनाया है।और न ही किसी ने उन्हें जन्म दिया। वह स्वयं बने है।

(Gurparsad) - केवल सच्चा गुरु ही हमें उनसे मिलने के लिए मदद कर सकते हैं!

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