“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

श्री कृष्ण जन्माष्टमी एवं श्री राधाष्टमी

2017-08-29 20:31:30, comments: 0

 विष्णु का श्री कृष्ण के रूप में अवतार भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ है।**शास्रो के अनुसार श्री कृष्ण का प्राकट्य को पूर्ण अवतार माना गया है। कहा जाता है कि श्री कृष्ण की पूजा पाठ एवं स्मरण से भगवान विष्णु एवम उनके सभी अवतार का पूजन एवं स्मरण स्वत ही हो जाता है।**श्री कृष्ण जन्माष्टमी एव उस के पंद्रह दिवस बाद राधाष्टमी का त्योहार मनाने का विशेष महत्व है क्यों कि राधे स्वामिनीका प्राकट्य श्री कृष्ण के प्राकट्य से साढ़े ग्यारह माह पूर्व हुआ था**कृष्ण और राधे स्वामिनी की पूजा-अर्चना और उनके स्मरण से इस कलयुग में खुशहाली ,सुख-समृद्धि हेतु राधे कृष्ण भक्तगणों के लिए कुछ साधारण उपाय ,पूजा-अर्चना के सम्बंध में कुछ करने हेतु आग्रह करता हूं। अगर संशय न हो तो ये उपाय अवश्य ही अपनावे।**श्री कृष्ण और राधे स्वामिनी के चरण कमलो में स्थान मिलने की कामना रखे और राधे कृष्ण को खुश करने हेतु उपाय एव जतन करें।**कृष्ण जन्माष्टमी एवम राधाष्टमी के पावन पर्व पर ये उपाय करें----**1 – कृष्ण जन्माष्टमी एवं राधाष्टमी के दिन सुबह स्नान करके राधा-कृष्ण के मंदिर में भगवान कृष्ण एव राधिका माँ को पीले फूलों की माला अर्पण करने एव तुलसी मंजरी सहित पीली मावे की मिठाई अर्पित करे। इस से धन संबंधित परेशानी दूर होती है और लक्ष्मी प्राप्ति के योग बनने लगते हैं !**2 – भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी एवम राधाष्टमी के दिन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधिका को पीले रंग के कपडे, पीले अनाज, पीले फल. पीली मिठाई चढ़ानी चाहिए!**ऐसा करने से भगवान श्रीकृष्ण और मां राधिका दोनों की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन और यश की कमी नहीं आती है!**3 – कृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण एवं माँ राधिका को सफेद मिठाई, साबुदाने अथवा चावल की खीर का भोग लगाएं, खीर में चीनी के बजाय मिश्री का प्रयोग करें और तुलसी दल ज़रूर डालें!**इस उपाय को करने से श्रीकृष्ण और माँ रासेश्वरी की कृपा से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के योग बनने लगते हैं!**4 – दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर कृष्ण जन्माष्टमी एव राधाष्टमी को प्रभात काल मे भगवान श्रीकृष्ण एव माँ राधिका का अभिषेक करें. इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्तों की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं!**5 – कृष्ण जन्माष्टमी एवं राधाष्टमी के दिन श्री राधे कृष्ण के मंदिर में जाकर उन्हें पीले फूलों की माला चढ़ाएं, पीले रंग की मिठाई, मिश्री, शहद और इलायची का भोग लगाएं, इस से जीवन मे अनहोनी घटनाये घटित नही होगी एव घर परिवार में आपसी प्रेम वन रहेगा !**6- कृष्ण जन्माष्टमी की रात बारह बजे और राधाष्टमी को शायकाल में , दूध में केसर मिलाकर,दही ,घी, शहद, गंगाजल, गुलाबजल, पुष्प मिला जल, इत्रमिश्रित जल, पंचामृत इत्यादि से श्रीकृष्ण एवम राधिका का अभिषेक करना चाहिए. ऐसा करने से श्रीकृष्णएव राधे मां की कृपा से आपके घर में सदा सुख-समृद्धि का वास रहेगा!**7- कृष्णा जन्माष्टमी एव राधाष्टमी के दिन श्रीकृष्ण एवम राधे को पानी वाला नारियल व केला अर्पित करें और-**ॐ श्री राधाकृष्णभ्यां नमः**ॐ श्री बाल गोपालाय नमः**ॐ श्री देवक़ीनन्दनाय नमः**ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः**ॐ श्री केशवाय नम:**ॐ श्री माधवाय नमः**ॐ श्री दामोदराय नमः**का जाप करे!**और श्री कृष्ण चालीसा और राधे चालीसा का जप करें।**ऐसा करने से इंद्र या कुबेर का पद प्राप्त होता है।**8 – श्री कृष जन्माष्टमी ओर राधाष्टमी को राधे कृष्णा मंदिर में जटा वाला नारियल और मीठा पान का भोग लगावे ,उस व्यक्ति के जीवन में सदा समस्त कार्य निर्विघ्न पूरे होने लगते हैं ओर जीवन मे मिठास ही रहती है।**9 –श्री कृष्ण जन्माष्टमी ओर राधाष्टमी को सुबह मंदिर में विधि पूर्वक पूजा और शायकाल व रात्रिकाल में पूजा अर्चना करें और तुलसी पत्र की माला पहनावे,माखन मिश्री का भोग लगावे, भगवान श्री कृष्ण को चांदी की बाँसुरी ओर मोरपंख भेँट करे, तो वह भक्त अस्ठ सिद्धि-नव निधि को प्राप्त करता है।**10 –कृष्ण जन्माष्टमी एव राधाष्टमी के दिन शाम के वक्त तुलसी के सामने घी का अखण्ड शुद्ध घी दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय और ॐ श्री राधिके नमः स्तुते मंत्र का जाप करते हुए तुलसी के पौधे की 11 बार परिक्रमा करें. इस उपाय से गृह क्लेश दूर होता है और घर में सुख शांति का वास होता है!**11-श्री राधाष्टमी एवं श्री कृष्ण जन्माष्टमी को पूजन के बाद शुद्ध घी की अखण्ड ज्योत दिन- रात जरूर लगावे और कपूर की आरती अवश्य करे।**12- श्री कृष्ण जन्माष्टमी ओर राधाष्टमी को मंदिर में जाकर 21 दीपक प्रज्वलित करे।*

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