“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

भगवान् कृष्ण बांसुरी क्यों रखते है ?

2017-04-10 18:23:38, comments: 0



1. पहला- बांसुरी में गांठ नहीं है। वह खोखली है।
इसका अर्थ है अपने अंदर किसी भी तरह की गांठ मत रखो।
चाहे कोई तुम्हारे साथ कुछ भी करे बदले कि भावना मत
रखो।

2. दूसरा- बिना बजाए बजती नहीं है, यानी जब तक
ना कहा जाए तब तक मत बोलो। बोल बड़े कीमती है,
बुरा बोलने से अच्छा है शांत रहो।

3. तीसरा- जब भी बजती है मधुर ही बजती है। मतलब जब
भी बोलो तो मीठा ही बोलो जब ऐसे गुण किसी में
भगवान देखते है, तो उसे उठाकर अपने होठों से लगा लेते हैं।

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