“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

पारंपरिक नवरात्रि आहार | Traditional Navratri Diet

2017-09-21 19:16:44, comments: 0

पारंपरिक नवरात्रि आहार | Traditional Navratri Diet

पारंपरिक नवरात्रि आहार हमारी जठराग्नि को शांत करता है। यह नीचे दर्शायी किसी भी सामग्री के संयोजन से हो सकता है :

कूटू (एक प्रकार का अनाज) रोटी , उपवास के चावल (शामक चावल), उपवास चावल से डोसा, साबूदाना से बनाया व्यंजन, सिंघाड़ा का आटा, राजगीरा, रतालू , अरबी, उबले हुए मीठे आलू (शक्कर कंद) से बने व्यंजन, आदि।

मक्खन (घी), दूध और छाछ। इन सभी का हमारे शरीर पर शीतल प्रभाव पड़ता है।

लौकी और कद्दू के साथ दही
बहुत सारे तरल पदार्थ - नारियल पानी, जूस, सब्जियों के सूप, आदि।उपवास के दौरान ऊर्जा प्रदान करने के अलावा, वे निर्जलीकरण को रोकने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं।

पपीता, नाशपाती और सेब के साथ बनाया गया फलों का सलाद


**जब पारंपरिक नवरात्रि आहार का पालन करते हैं, तब यह भी करने के लिए सिफारिश की है: (Navratri fasting rules in Hindi)
खाना पकाने के लिए आम नमक के बजाय सेंधा नमक का प्रयोग करें ।
भूनकर, उबालकर, भाप से और पीसने जैसे स्वस्थ खाना पकाने के तरीके का प्रयोग करें ।
सिर्फ शाकाहार करें ।
पहले कुछ दिनों के लिए अनाज से दूर रहें ।
तले हुए और भारी भोजन से बिल्कुल दूर रहें ।
प्याज और लहसुन से दूर रहें ।
अधिक खाने से दूर रहें ।


**जो लोग उपवास नहीं कर सकते:
वे मांसाहारी भोजन, शराब, प्याज, लहसुन और तेज मसालों से परहेज करें और खाना पकाने के लिए साधारण नमक के बदले सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं।


**नवरात्रि में उपवास तोड़ने की विधि |How to break your fast during Navratri

जब आप शाम को या रात में अपना उपवास तोड़ते हैं, तब हल्का भोजन करें ताकि आपका शरीर भारी न हो। रात में भारी और तला हुआ भोजन सिर्फ पाचन क्रिया के लिए ही नहीं बल्कि सफाई प्रक्रिया और उपवास के सकारात्मक प्रभाव के लिए भी अच्छा नहीं है। आसानी से पच जाए ऐसा भोजन कम मात्रा में खाएं।

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