“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

आज से शुरू करें महाभारत की इन बातों पर करना अमल

2017-08-31 18:21:05, comments: 0

 

जो जीव धरती पर आया है उसकी मृत्यु निश्चित है। कुछ लोगों के भाग्य में कम या अधिक आयु होती है लेकिन कई अपने कर्मों अौर व्यवहार से अपनी उम्र को घटा देते है। महाभारत में बताया गया है कि किन कामों से आयु कम होती है अौर कौन से गुणों को अपनाने से उम्र में बाधा होती है।

कुछ लोग दिन में कई बार झूठ बोलते हैं, ऐसे लोग झूठ बोलकर कुछ समय के लिए तो मुसीबत से बच जाते हैं लेकिन आगे चलकर उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। झूठ बोलने से व्यक्ति की न सिर्फ छवि खराब होती है बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। झूठ बोलने पर उसे हर समय उसके पकड़े जाने का ही डर रहता है। यही चिंता उसकी सेहत पर लगातार बुरा असर डालती है। व्यक्ति को लंबी उम्र के लिए असत्य बोलने से बचना चाहिए।

क्रोध व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु है। बिना किसी कारण के गुस्सा करने से व्यक्ति के मन-मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिससे व्यक्ति की आयु कम होती है। गुस्से में व्यक्ति हिंसक बन जाता है उसे अच्छे बुरे का भान नहीं रहता। इसके विपरीत जो लोग क्रोध नहीं करते वे सदैव खुश रहते हैं अौर उनकी आयु भी लंबी होती है।

जो लोग दूसरों को दुखक पहुंचाते हैं मार-काट करते हैं वे खुद का भी नुक्सान करते हैं। जो लोग दूसरों की मदद करते हैं, किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते उनसे भगवान सदैव प्रसन्न रहते हैं। हिंसा भी तीन तरह की मानी गई है, मन से, वचन से और कर्म से। मन से हिंसा का मतलब है किसी के बारे में लगातार बुरा सोचना। वचन से हिंसा का मतलब है कि किसी के बारे में बुरा बोलना, भ्रामक बातें फैलाना तथा कर्म से हिंसा मतलब शारीरिक रुप से कष्ट पहुंचाना।

जिस व्यक्ति के मन में छल-कपट जैसी बातें नहीं रहती जो सदैव सदाचार का पालन करता है वह सदा प्रसन्न रहता है। लोगों को छल-कपट जैसी भावनाअों से दूर रहना चाहिए। लोगों को अपना मन देव भक्ति और पूजा में लगाना चाहिए। ऐसा करने से उसका मन शांत रहेगा। शांत मन ही स्वस्थ शरीर की निशानी होती है। इस गुण की पालना करने से व्यक्ति लंबे समय तक जीवित रहता है।

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