“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

आंजन धाम, झारखंड

2017-01-02 16:40:55, comments: 0

भगवान हनुमान जी के जन्म का इतिहास झारखंड के गुमला जिले के उत्तरी क्षेत्र में अवस्थित आंजन ग्राम से जुड़ा हुआ है। मान्यता है क‍ि यही माता अंजनी ने भगवान हनुमान को जन्म दिया था। माता अंजनी के नाम से ही इस गांव का नाम आंजन पड़ा। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 22 किमी की दूरी पर अवस्थित है। साथ ही देश के अंदर यह ऐसा पहला मंदिर है, जहां स्थापित मूर्ति में बाल हनुमान माता अंजनी की गाेद में बैठे हुए हैं।

कहां है आंजनधाम

यहां के लोग मानते हैं कि हनुमान का जन्म गुमला जिले के आंजनधाम में स्थित पहाड़ी की गुफा में हुआ था। आंजनधाम गुमला शहर से 20 किमी दूर जंगलों के बीच है। जिस गुफा में हनुमान जी का जन्म हुआ था, उसका दरवाजा कलयुग में अपने आप बंद हो गया। कहते हैं दरवाजे को हनुमान की माता अंजनी ने स्वयं बंद कर लिया क्योंकि स्थानीय लोगों द्वारा वहां दी गई बलि से वे नाराज थीं। आज भी यह गुफा आंजन धाम में मौजूद है।

1953 में बना मंदिर

आंजनधाम में 1953 में श्रद्धालुओं ने मिलकर अंजनी मंदिर की स्थापना की थी।

पंपापुर सरोवर भी है यहीं

आंजनधाम से जुड़ी और भी पौराणिक गाथाएं जुड़ी हैं। कहते हैं, गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में बालि व सुग्रीव का राज्य था। पंपापुर सरोवर भी यहीं है, जहां भगवान राम और भ्राता लक्ष्मण ने रुककर स्नान भी किया था।

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